मेदांता हॉस्पिटल गुरुग्राम में स्त्री रोग विशेषज्ञ, स्त्री रोग संबंधी एंडोस्कोपिस्ट डॉक्टर सभ्यता गुप्ता ने बताया सर्वाइकल कैंसर यानी बच्चेदानी के मुंह का कैंसर है। ये कैंसर मुख्य रूप से ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV) संक्रमण के कारण होता है, जो गर्भाशय ग्रीवा की कोशिकाओं में असामान्य बदलाव पैदा करता है।इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक ये टीकाकरण अभियान तीन चरणों में पूरा किया जाएगा। शुरुआती चरण में 14 साल की लड़कियों को एक बार का कैच-अप टीका दिया जाएगा। PHOTO SOURCE: CHATGPT
भारत में महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर केंद्र सरकार ने मजबूत कदम उठाने की तैयारी की है। भारत में गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर जिसे Cervical Cancer के नाम से जाना जाता है, के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। सरकार ने महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर के बढ़ते मामलों को देखते हुए जल्द ही देशभर में 14 वर्ष की किशोरियों के लिए एक टीकाकरण अभियान शुरू करने की योजना बनाई है। इस अभियान के तहत लड़कियों को ह्यूमन पेपिलोमावायरस (HPV) वैक्सीन लगाई जाएगी, जिसे सर्वाइकल कैंसर के खिलाफ सबसे अचूक सुरक्षा कवच माना जाता है।
आंकड़ों के अनुसार भारत में महिलाओं में होने वाले कैंसर के मामलों में सर्वाइकल कैंसर एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। देश में ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV) के खिलाफ राष्ट्रीय स्तर पर टीकाकरण अभियान शुरू होगा। HPV संक्रमण लगभग 85% सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय ग्रीवा कैंसर) के मामलों का कारण माना जाता है। भारत में महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर दूसरा सबसे आम कैंसर है। हर साल करीब 1.25 लाख महिलाएं इससे प्रभावित होती हैं और लगभग 75,000 महिलाओं की मौत हो जाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कम उम्र में ही बेटियों को यह वैक्सीन मिल जाए, तो भविष्य में इस जानलेवा बीमारी के खतरे को लगभग समाप्त किया जा सकता है।
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किस उम्र की बच्चियों को लगेगा टीका?
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, हर साल 14 साल की होने वाली 1.15 करोड़ लड़कियों को HPV वैक्सीन लगनी शुरू हो जाएगी। अधिकारियों ने कहा 14 साल की उम्र में वैक्सीन लगवाने का फैसला इसलिए लिया गया क्योंकि सबूत बताते हैं कि इसी उम्र में वैक्सीनेशन से सबसे ज़्यादा और सबसे लंबे समय तक सुरक्षा मिलती है।
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सर्वाइकल कैंसर क्या है?
मेदांता हॉस्पिटल गुरुग्राम में स्त्री रोग विशेषज्ञ, स्त्री रोग संबंधी एंडोस्कोपिस्ट डॉक्टर सभ्यता गुप्ता ने बताया सर्वाइकल कैंसर यानी बच्चेदानी के मुंह का कैंसर है। ये कैंसर मुख्य रूप से ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV) संक्रमण के कारण होता है, जो गर्भाशय ग्रीवा की कोशिकाओं में असामान्य बदलाव पैदा करता है। समय रहते इन बदलावों की पहचान हो जाए तो बीमारी को रोका जा सकता है। इसके प्रमुख कारणों में असुरक्षित यौन संबंध, लंबे समय तक संक्रमण या सूजन, कमजोर इम्यूनिटी, लंबे समय तक स्टेरॉयड दवाओं का सेवन, धूम्रपान और अनुवांशिक कारण शामिल हैं। यह कैंसर धीरे-धीरे विकसित होता है और शुरुआत में हल्के लक्षण देता है, जिन्हें अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है। नियमित जांच, समय पर स्क्रीनिंग और जागरूकता से सर्वाइकल कैंसर के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
सर्वाइकल कैंसर के शुरुआती संकेतसर्वाइकल कैंसर की शुरुआत में कुछ ऐसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं जिन्हें अक्सर सामान्य समस्या समझकर नजरअंदाज कर दिया जाता है।
सामान्य चक्र से अलग या बिना कारण होने वाला वेजाइनल डिस्चार्ज
पीरियड्स के बीच में स्पॉटिंग या ब्लीडिंग
शारीरिक संबंध बनाने के बाद ब्लीडिंग
मेनोपॉज के बाद किसी भी प्रकार की ब्लीडिंग
सर्वाइकल कैंसर से बचाव के उपायसर्वाइकल कैंसर से बचने के लिए जागरूकता और नियमित जांच बेहद जरूरी है। पैप स्मीयर (Pap Smear) और HPV टेस्ट गर्भाशय ग्रीवा में होने वाले शुरुआती असामान्य बदलावों की पहचान कैंसर बनने से पहले ही कर सकते हैं। इसलिए लक्षण दिखने का इंतजार करना सही नहीं है।
HPV वैक्सीनेशन करवाना भी महत्वपूर्ण कदम है, क्योंकि यह कैंसर पैदा करने वाले HPV वायरस से सुरक्षा प्रदान करता है।
हर 3–5 साल में डॉक्टर की सलाह के अनुसार Pap Smear और HPV टेस्ट कराएं।
इसके अलावा, सुरक्षित यौन संबंध अपनाएं, प्रोटेक्शन का उपयोग करें, पार्टनर की संख्या सीमित रखें और किसी भी असामान्य लक्षण को नजरअंदाज न करें। समय पर कदम उठाना ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।
डिस्क्लेमर
यह लेख केवल सामान्य जानकारी और जागरूकता के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसमें दी गई जानकारी विभिन्न रिपोर्ट्स और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है। किसी भी प्रकार का टीकाकरण, जांच या इलाज शुरू करने से पहले अपने चिकित्सक या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।
सरकारी नीतियों और टीकाकरण कार्यक्रमों से संबंधित अंतिम निर्णय स्वास्थ्य मंत्रालय की आधिकारिक घोषणा पर निर्भर करेगा। व्यक्तिगत स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार सलाह अलग हो सकती है।
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