ब्लड प्रेशर | Blood Pressure | रक्तदाबयह एक ऐसी स्थिति होती है जिसमे शरीर की रक्तवहिनियों में खून का दाब सामान्य रूप से चलता है तो उसे रक्तदाब कहते हैं। शरीर के लिये यह रक्तदाब ही सही होता है। वैसे देखा जाए तो मनुष्य के शरीर में कम रक्तदाब तथा उच्च रक्त दाब दोनों अवस्थाएं हो सकती है। उच्चरक्त दाब के कारण सिर में दर्द होता है तथा हाथ-पैरों में झन-झनाहट होने लगती है तथा कम रक्तदाब होने से हाथ-पैर सुन्न होने लगता है तथा शरीर का सन्तुलन बिगड़ने लगता है।
शहरी जीवनशैली में ही नहीं बल्कि गांव-देहात में भी हाई ब्लड प्रेशर (High Blood Pressure) बहुत बड़ी स्वास्थ्य समस्या बन गई है. बारत में करोड़ों लोग इसकी चपेट में हैं और यह प्राणघातक भी हो सकता है. हाई ब्लड प्रेशर को ‘साइलेंट किलर’ भी कहते हैं क्योंकि ज्यादातर लोगों को यह पता नहीं होता कि वे इसकी गिरफ्त में हैं क्योंकि इसके लक्षण स्पष्ट नहीं होते।
पहले लोग मानते थे कि ब्लड प्रेशर की समस्या प्रौढ़ावस्था में होता है लेकिन अब छोटे बच्चों में भी ब्लड प्रेशर देखने में आ रहा है. ब्लड प्रेशर किसी को भी हो सकता है और एक बार दवा शुरु हो जाने उसे बंद करना सरल नहीं होता इसलिए High Blood Pressure की समस्या से बचाव में ही समझदारी है।
ब्लड प्रेशर | Blood Pressure क्या होता है ? हमारी रक्त वाहिनियों (धमनियों तथा शिराओं) पर पड़नेवाले खून के दबाव को ब्लड प्रेशर कहते हैं. डॉक्टर इसे मापने के लिए एक मशीन का इस्तेमाल करते हैं जिसे स्फिग्नोमैनोमीटर कहते हैं. रबर के ब्लैडर को दबाने पर पट्टा बांह में कसता है और प्रेशर रिलीज करने पर जब डॉक्टर या जांच करनेवाले को आले में टिकटिक की आवाज़ सुनाई देती है तो पारे के गिरते लेवल से दो आँकड़े मिलते हैं।
रक्तचाप | Blood Pressure के कारणरक्तचाप बढ़ने के कई कारण हैं. आनुवांशिकता, नमक, मोटापा, तनाव, गर्भावस्था, धूम्रपान, शराब, किडनी के रोग, डायबिटीज (Diabetes), जंकफूड, गर्भनिरोधक गोलियों (contraceptive pills), आधुनिक व आरामतलब जीवनशैली, हार्मोनल गड़बड़ियां आदि ब्लड प्रेशर को बढ़ा सकती हैं. भोजन में अधिक मात्रा में नमक लेने से कुछ लोगों का ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है।
रक्त वाहिनियों में कोलेस्ट्रॉल जमा होने से धमनियाँ संकरी हो जाती हैं और ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है. मोटे लोगों को भी हाई ब्लड प्रेशर होने का खतरा रहता है. धूम्रपान करनेवालों को भी इसका रिस्क होता है. अधिक मात्रा में चाय, कॉफी पीने तथा सोडा ड्रिंक्स में मिले कैफीन से भी ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है. बहुत अधिक तनावग्रस्त रहने से भी ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है।
इस रोग के होने के कई कारण होते हैं जैसे- अत्याधिक मानसिक तनाव होना, निरन्तर भयभीत रहना, शारीरिक परिश्रम न करना, अपच की शिकायत रहना तथा अधिक परिश्रम करना आदि।
अण्डा, घी, मक्खन या चर्बी पदार्थो में पाया जाने वाला कॉलेस्ट्राल धमनियों तथा धमनिकाओं में जमा हो जाता है जिसके कारण इन धमनियों में रक्तदाब बढ़ जाता है तथा अधिक कठोरता के कारण रक्तवाहिनियों में लचीलेपन की कमी हो जाती है और जिसके कारण धमनियों के अन्दर खून बड़ी तेजी से उछलता-कूदता है।
बुढ़ापे के कारण भी धमनियों में लचीलापन कम हो जाता है और रक्तदाब बढ़ जाता है जिसके कारण व्यक्ति को उच्चरक्तदाब का रोग हो जाता है। कम रक्तदाब अधिक खून निकल जाने या अधिक कमजोरी या निराशा के कारण होता है।
ब्लड प्रेशर के लिए चुम्बकीय चिकित्सा | Magnetic Therapy for Blood Pressureइस रोग से पीड़ित व्यक्ति को अपनी हथेलियों तथा पैरों के तलुओं पर शक्तिशाली चुम्बक के एक जोड़े का प्रयोग करना चाहिए तथा दिन में चुम्बकित जल को दवाई के मात्रा के बराबर 3 बार पीना चाहिए। यह क्रिया एक महीने तक करने से रक्तदाब से पीड़ित रोगी को बहुत आराम मिलता है।
हाई ब्लड प्रेशर और लो हाई ब्लड प्रेशर के घरेलू उपाय हाई ब्लड प्रेशर : हाई ब्लड प्रेशर एक बहुत गंभीर बिमारी है. इसके लिए सबको तो 3 प्रणायाम करने हैं. हस्तरेखा 5 मिनट, कपालभाति आधे घंटे, अलोम-विलोम आधे घंटे ये सभी रोज करने हैं. इसके लिए एक आयुर्वेद की बहुत सस्ती और बहुत अच्छी दवा है, आलावा दालचीनी भी लेनी है जो अपने घर में मिल जाती है.
लो ब्लड प्रेशर : एक दूसरी दवा है आयुर्वेद में उसका नाम है मेथी दाना, यह डायबिटीज भी ठीक करती है और हाई बीपी को भी ठीक करती है. एक गिलास गर्म पानी में मेथीदाना का आधा चम्मच भिगोकर इसको रातभर रखा रहने दो. सवेरे उठकर वह पानी पी लो हाई BP को डेढ़ से 2 महीने में ठीक कर देता है।
एक तीसरी दवा अपने घर में जो हाई बीपी के लिए बहुत अच्छी है. अर्जुन की छाल, अर्जुन का पेड़ होता है. ये सब जगह मिल जाता है. फरदीन या अर्जुन की छाल बाजार में आसानी से मिल जाती है. इसे पत्थर से पीस कर पाउडर बना ले और गरम पानी से ले और अगर आप कुछ पैसे खर्च कर सकते हो तो इसे शहद में मिला लें. यह भी हाई बीपी ठीक करता है. और यह जो अर्जुनछाल है, हाईबीपी तो ठीक करेगा ही यह ह्रदय बीमारी को भी ठीक कर देगा. ह्रदय में क्या है, जैसे आपको बलॉकेज है.
इससे और एक अच्छी दवा बताता हूं. आयुर्वेद की बिल्कुल मुफ्त की दवा है. बेल पत्थर या बेल के पत्ते. यह हाई बीपी को भी ठीक करते हैं. यह शुगर को भी ठीक करते हैं. डायबिटीज में बेलपत्थर के 5 पत्ते लो. पत्थर पर पीस कर उसकी चटनी बना लो, फिर उस चटनी को एक गिलास पानी में डालकर गरम कर लो, और इतना गर्म करना कि पानी आधा हो जाए और इसे पी लो. यह बहुत जल्दी हाई बीपी को ठीक करता है. राजीव भाई कहते है कि जो 20 साल से ब्लड प्रेशर की बीमारी से परेशान थे और रोज दिन में तीन तीन बार गोंलिया खाते थे. यह बेल पत्थर के पत्ते ने सबकी गोलियां बंद कराई सबकी दवा बंद कराई और डेढ़ से 2 महीने में सबका ब्लड प्रेशर ठीक कर दिया. आपको सब मिलाकर नहीं खाना है मरने की हालत हो जाएगी एक ही खाना है, चाहे वह दालचीनी है, चाहे वह मेथी का दाना, अर्जुन की छाल, बेल पत्थर के पत्ते का छाल या फिर लौकी का रस कोई भी और एक सबसे बढ़िया दवा बताता हूं. बिल्कुल मुफ्त की दवा है, बहुत अच्छी है, देसी गाय का ताजा मूत्र आधा कप, मूत्र सवेरे खाली पेट कोई भी पिएगा उसी का ब्लड प्रेशर ठीक हो जाएगा ये सबसे जरूरी चीज है।
शहरी जीवनशैली में ही नहीं बल्कि गांव-देहात में भी हाई ब्लड प्रेशर (High Blood Pressure) बहुत बड़ी स्वास्थ्य समस्या बन गई है. बारत में करोड़ों लोग इसकी चपेट में हैं और यह प्राणघातक भी हो सकता है. हाई ब्लड प्रेशर को ‘साइलेंट किलर’ भी कहते हैं क्योंकि ज्यादातर लोगों को यह पता नहीं होता कि वे इसकी गिरफ्त में हैं क्योंकि इसके लक्षण स्पष्ट नहीं होते।
पहले लोग मानते थे कि ब्लड प्रेशर की समस्या प्रौढ़ावस्था में होता है लेकिन अब छोटे बच्चों में भी ब्लड प्रेशर देखने में आ रहा है. ब्लड प्रेशर किसी को भी हो सकता है और एक बार दवा शुरु हो जाने उसे बंद करना सरल नहीं होता इसलिए High Blood Pressure की समस्या से बचाव में ही समझदारी है।
ब्लड प्रेशर | Blood Pressure क्या होता है ? हमारी रक्त वाहिनियों (धमनियों तथा शिराओं) पर पड़नेवाले खून के दबाव को ब्लड प्रेशर कहते हैं. डॉक्टर इसे मापने के लिए एक मशीन का इस्तेमाल करते हैं जिसे स्फिग्नोमैनोमीटर कहते हैं. रबर के ब्लैडर को दबाने पर पट्टा बांह में कसता है और प्रेशर रिलीज करने पर जब डॉक्टर या जांच करनेवाले को आले में टिकटिक की आवाज़ सुनाई देती है तो पारे के गिरते लेवल से दो आँकड़े मिलते हैं।
रक्तचाप | Blood Pressure के कारणरक्तचाप बढ़ने के कई कारण हैं. आनुवांशिकता, नमक, मोटापा, तनाव, गर्भावस्था, धूम्रपान, शराब, किडनी के रोग, डायबिटीज (Diabetes), जंकफूड, गर्भनिरोधक गोलियों (contraceptive pills), आधुनिक व आरामतलब जीवनशैली, हार्मोनल गड़बड़ियां आदि ब्लड प्रेशर को बढ़ा सकती हैं. भोजन में अधिक मात्रा में नमक लेने से कुछ लोगों का ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है।
रक्त वाहिनियों में कोलेस्ट्रॉल जमा होने से धमनियाँ संकरी हो जाती हैं और ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है. मोटे लोगों को भी हाई ब्लड प्रेशर होने का खतरा रहता है. धूम्रपान करनेवालों को भी इसका रिस्क होता है. अधिक मात्रा में चाय, कॉफी पीने तथा सोडा ड्रिंक्स में मिले कैफीन से भी ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है. बहुत अधिक तनावग्रस्त रहने से भी ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है।
इस रोग के होने के कई कारण होते हैं जैसे- अत्याधिक मानसिक तनाव होना, निरन्तर भयभीत रहना, शारीरिक परिश्रम न करना, अपच की शिकायत रहना तथा अधिक परिश्रम करना आदि।
अण्डा, घी, मक्खन या चर्बी पदार्थो में पाया जाने वाला कॉलेस्ट्राल धमनियों तथा धमनिकाओं में जमा हो जाता है जिसके कारण इन धमनियों में रक्तदाब बढ़ जाता है तथा अधिक कठोरता के कारण रक्तवाहिनियों में लचीलेपन की कमी हो जाती है और जिसके कारण धमनियों के अन्दर खून बड़ी तेजी से उछलता-कूदता है।
बुढ़ापे के कारण भी धमनियों में लचीलापन कम हो जाता है और रक्तदाब बढ़ जाता है जिसके कारण व्यक्ति को उच्चरक्तदाब का रोग हो जाता है। कम रक्तदाब अधिक खून निकल जाने या अधिक कमजोरी या निराशा के कारण होता है।
ब्लड प्रेशर के लिए चुम्बकीय चिकित्सा | Magnetic Therapy for Blood Pressureइस रोग से पीड़ित व्यक्ति को अपनी हथेलियों तथा पैरों के तलुओं पर शक्तिशाली चुम्बक के एक जोड़े का प्रयोग करना चाहिए तथा दिन में चुम्बकित जल को दवाई के मात्रा के बराबर 3 बार पीना चाहिए। यह क्रिया एक महीने तक करने से रक्तदाब से पीड़ित रोगी को बहुत आराम मिलता है।
हाई ब्लड प्रेशर और लो हाई ब्लड प्रेशर के घरेलू उपाय हाई ब्लड प्रेशर : हाई ब्लड प्रेशर एक बहुत गंभीर बिमारी है. इसके लिए सबको तो 3 प्रणायाम करने हैं. हस्तरेखा 5 मिनट, कपालभाति आधे घंटे, अलोम-विलोम आधे घंटे ये सभी रोज करने हैं. इसके लिए एक आयुर्वेद की बहुत सस्ती और बहुत अच्छी दवा है, आलावा दालचीनी भी लेनी है जो अपने घर में मिल जाती है.
सबसे पहले दालचीनी को धूप में सुखाकर पीस लेना है. जब उसका पाउडर बन जाएगा तो आधा चम्मच दालचीनी पाउडर गर्म पानी के साथ खाना है. रोज सुबह खाली पेट और अगर थोड़ा पैसा खर्च करने के लिए है तो थोड़ा शहद मिला लो, आधा चम्मच शहद और आधा चम्मच दालचीनी, शहद मिलाना जरूरी नहीं है लेकिन अगर मिलाओगे तो परिणाम अच्छा आएगा. नहीं तो बिना शहद के साथ खाओ बीपी तो ठीक होगा और दालचीनी खाओगे तो हाई बीपी ठीक होगा.
हाई बीपी ठीक करने के लिए उसका मात्र आधा चम्मच डेढ़ दो महीने ले, बस 2 महीने से ज्यादा जरूरत नहीं पड़ती है. आधा चम्मच अगर रोज खाओगे तो डेढ़ सौ ग्राम दो महीने चल जाएगा।
लो ब्लड प्रेशर : एक दूसरी दवा है आयुर्वेद में उसका नाम है मेथी दाना, यह डायबिटीज भी ठीक करती है और हाई बीपी को भी ठीक करती है. एक गिलास गर्म पानी में मेथीदाना का आधा चम्मच भिगोकर इसको रातभर रखा रहने दो. सवेरे उठकर वह पानी पी लो हाई BP को डेढ़ से 2 महीने में ठीक कर देता है।
एक तीसरी दवा अपने घर में जो हाई बीपी के लिए बहुत अच्छी है. अर्जुन की छाल, अर्जुन का पेड़ होता है. ये सब जगह मिल जाता है. फरदीन या अर्जुन की छाल बाजार में आसानी से मिल जाती है. इसे पत्थर से पीस कर पाउडर बना ले और गरम पानी से ले और अगर आप कुछ पैसे खर्च कर सकते हो तो इसे शहद में मिला लें. यह भी हाई बीपी ठीक करता है. और यह जो अर्जुनछाल है, हाईबीपी तो ठीक करेगा ही यह ह्रदय बीमारी को भी ठीक कर देगा. ह्रदय में क्या है, जैसे आपको बलॉकेज है.
डॉक्टर कहता है ऑपरेशन करवा लीजिए दो लाख खर्च होगा. आप ऑपरेशन बिल्कुल मत करवाइए आप बस अर्जुन की छाल खाओ ये आपको ठीक कर देगा, आयुर्वेद की ये चीज सबके घर में आसानी से मिल जाती है. आप लोकी का रस पीए एक कप हर दिन हर महीने. लौकी का रस एक कप निकालो उसमें थोड़ा धनिया पत्ता डालो, पुदीना पत्ता डालो, तुलसी पत्ता और काली मिर्च 5-6 पत्ता धनिया 5-6 पत्ता पुदीना 5-6 पत्ता तुलसी और तीन-चार काली मिर्च और यह सब एक कप लौकी के रस में मिलाकर पीयो बहुत है. लौकी के रस से हृदय की बीमारी बिल्कुल खत्म हो जाती हैं।
इससे और एक अच्छी दवा बताता हूं. आयुर्वेद की बिल्कुल मुफ्त की दवा है. बेल पत्थर या बेल के पत्ते. यह हाई बीपी को भी ठीक करते हैं. यह शुगर को भी ठीक करते हैं. डायबिटीज में बेलपत्थर के 5 पत्ते लो. पत्थर पर पीस कर उसकी चटनी बना लो, फिर उस चटनी को एक गिलास पानी में डालकर गरम कर लो, और इतना गर्म करना कि पानी आधा हो जाए और इसे पी लो. यह बहुत जल्दी हाई बीपी को ठीक करता है. राजीव भाई कहते है कि जो 20 साल से ब्लड प्रेशर की बीमारी से परेशान थे और रोज दिन में तीन तीन बार गोंलिया खाते थे. यह बेल पत्थर के पत्ते ने सबकी गोलियां बंद कराई सबकी दवा बंद कराई और डेढ़ से 2 महीने में सबका ब्लड प्रेशर ठीक कर दिया. आपको सब मिलाकर नहीं खाना है मरने की हालत हो जाएगी एक ही खाना है, चाहे वह दालचीनी है, चाहे वह मेथी का दाना, अर्जुन की छाल, बेल पत्थर के पत्ते का छाल या फिर लौकी का रस कोई भी और एक सबसे बढ़िया दवा बताता हूं. बिल्कुल मुफ्त की दवा है, बहुत अच्छी है, देसी गाय का ताजा मूत्र आधा कप, मूत्र सवेरे खाली पेट कोई भी पिएगा उसी का ब्लड प्रेशर ठीक हो जाएगा ये सबसे जरूरी चीज है।
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