यूरिक एसिड कोई बीमारी नहीं है, ये दरअसल एक अपशिष्ट बायप्रोडक्ट है, जो प्यूरीन नामक रयासन के टूटने पर शरीर में बनता है। वहीं, हमारी बॉडी में लगभग 30% प्यूरीन हमारे द्वारा खाए जाने वाले भोजन से आता है।
यूरिक एसिड के लिए प्यूरीन जिम्मेदार होता है, ऐस में इससे छुटकारा पाने के लिए जरूरी है कि आप ऐसे फूड्स को डाइट का हिस्सा बनाएं, जिसमें प्यूरीन की मात्रा न हो। (P.C- Freepik)
यूरिक एसिड आज के समय में एक तेजी से बढ़ती परेशानी बन गया है, जो हर उम्र के लोगों को प्रभावित कर रहा है। हेल्थ एक्सपर्ट्स बताते हैं कि यूरिक एसिड कोई बीमारी नहीं है, ये दरअसल एक अपशिष्ट बायप्रोडक्ट है, जो प्यूरीन नामक रयासन के टूटने पर शरीर में बनता है। वहीं, हमारी बॉडी में लगभग 30% प्यूरीन हमारे द्वारा खाए जाने वाले भोजन से आता है। आमतौर पर किडनी यूरिक एसिड को फिल्टर कर पेशाब के रास्ते शरीर से बाहर कर देती हैं लेकिन अधिक मात्रा में होने पर ये जोड़ों में क्रिस्टल के रूप में जमा होना शुरू हो जाता है।
वहीं, जोड़ों में जमा यूरिक एसिड के ये क्रिस्टल हड्डियों के बीच गैप को बढ़ा देते हैं, जिससे हड्डियां कमजोर होने लगती हैं और पीड़ित को जोड़ों में तेज दर्द, ऐंठन, सूजन, गाउट आदि का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा यूरिक एसिड की अधिक मात्रा समय के साथ किडनी पर भी बेहद खराब असर डालती है। ऐसे में समय रहते इससे छुटकारा पाना बेहद जरूरी है।
कैसे पाएं राहत?
जैसा की ऊपर जिक्र किया गया है, यूरिक एसिड के लिए प्यूरीन जिम्मेदार होता है, ऐस में इससे छुटकारा पाने के लिए जरूरी है कि आप ऐसे फूड्स को डाइट का हिस्सा बनाएं, जिसमें प्यूरीन की मात्रा न हो। आप जितना कम प्यूरीन खाएंगे, आपके यूरिक एसिड का स्तर उतना ही कम होने की संभावना है। इससे अलग कुछ खास चीजों का सेवन भी शरीर में जमा यूरिक एसिड का सफाया करने में मददगार हो सकता है। इन्हीं खास चीजों में से एक हैं पुदीने के पत्ते।
कैसे हैं फायदेमंद?
हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, पुदीने का सेवन यूरिक एसिड की समस्या पर असरदार है। इसमें भी खासकर सूखा पुदीना और अधिक बेहतर तरीके से इसमें आपकी बदद कर सकता है। दरअसल, पुदीने में खास एंटीऑक्सीडेंट्स गुण पाए जाते हैं, जो टॉक्सिन को शरीर से बाहर निकालने में मददगार हैं। इन गुणों के चलते पुदीने की पत्तियां बॉडी को डिटॉक्स करने का काम करती हैं, साथ ही हड्डियों में जमा प्यूरिन को तोड़ती हैं, इससे यूरिक एसिड बनने की स्पीड स्लो हो जाती है और इस तरह पीड़ित को राहत मिलती है।
इसके अलावा पुदीने की पत्तियां मूत्रवर्धक (Diuretics) की तरह काम कर सकती हैं। ये शरीर में हाइड्रेशन को बहाल कर पेशाब की मात्रा को बढ़ाती हैं, जिससे भी शरीर से पेशाब के साथ प्यूरिन को बाहर निकालने में मदद मिलती है। वहीं, पुदीने में एंटी इंफ्लेमेटरी गुण भी पाए जाते हैं, जो हाई यूरिक एसिड के चलते जोड़ों में बढ़ते दर्द, सूजन और अकड़न से राहत दिलाने में मदद करते हैं। इस तरह इन पत्तियों का सेवन यूरिक एसिड की स्थिति में बेहद मददगार हो सकता है।
कैसे करें सेवन?इसके लिए आप पुदीने की पत्तियों को सूखाकर पाउडर बनाकर गुनगुने पानी के साथ इसका सेवन कर सकते हैं।
इसके अलग आप ताजे पुदीने की पत्तियों को कूटकर, सादे पानी में मिलाकर और इसमें आधे नींबू का रस मिलाकर भी पी सकते हैं।
पुदीने के साथ-साथ नींबू का सेवन भी यूरिक एसिड की परेशानी पर असरदार है। नींबू में विटामिन सी पाया जाता है, वहीं कई हेल्थ रिपोर्ट्स बताती हैं कि विटामिन सी खून में यूरिक एसिड को कम करने में मदद कर सकता है, जिससे आपको जोड़ों में दर्द, ऐंठन, सूजन आदि की समस्या से राहत मिलती है।
Disclaimer: आर्टिकल में लिखी गई सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य जानकारी है। किसी भी प्रकार की समस्या या सवाल के लिए डॉक्टर से जरूर परामर्श करें
यूरिक एसिड के लिए प्यूरीन जिम्मेदार होता है, ऐस में इससे छुटकारा पाने के लिए जरूरी है कि आप ऐसे फूड्स को डाइट का हिस्सा बनाएं, जिसमें प्यूरीन की मात्रा न हो। (P.C- Freepik)
यूरिक एसिड आज के समय में एक तेजी से बढ़ती परेशानी बन गया है, जो हर उम्र के लोगों को प्रभावित कर रहा है। हेल्थ एक्सपर्ट्स बताते हैं कि यूरिक एसिड कोई बीमारी नहीं है, ये दरअसल एक अपशिष्ट बायप्रोडक्ट है, जो प्यूरीन नामक रयासन के टूटने पर शरीर में बनता है। वहीं, हमारी बॉडी में लगभग 30% प्यूरीन हमारे द्वारा खाए जाने वाले भोजन से आता है। आमतौर पर किडनी यूरिक एसिड को फिल्टर कर पेशाब के रास्ते शरीर से बाहर कर देती हैं लेकिन अधिक मात्रा में होने पर ये जोड़ों में क्रिस्टल के रूप में जमा होना शुरू हो जाता है।
वहीं, जोड़ों में जमा यूरिक एसिड के ये क्रिस्टल हड्डियों के बीच गैप को बढ़ा देते हैं, जिससे हड्डियां कमजोर होने लगती हैं और पीड़ित को जोड़ों में तेज दर्द, ऐंठन, सूजन, गाउट आदि का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा यूरिक एसिड की अधिक मात्रा समय के साथ किडनी पर भी बेहद खराब असर डालती है। ऐसे में समय रहते इससे छुटकारा पाना बेहद जरूरी है।
कैसे पाएं राहत?
जैसा की ऊपर जिक्र किया गया है, यूरिक एसिड के लिए प्यूरीन जिम्मेदार होता है, ऐस में इससे छुटकारा पाने के लिए जरूरी है कि आप ऐसे फूड्स को डाइट का हिस्सा बनाएं, जिसमें प्यूरीन की मात्रा न हो। आप जितना कम प्यूरीन खाएंगे, आपके यूरिक एसिड का स्तर उतना ही कम होने की संभावना है। इससे अलग कुछ खास चीजों का सेवन भी शरीर में जमा यूरिक एसिड का सफाया करने में मददगार हो सकता है। इन्हीं खास चीजों में से एक हैं पुदीने के पत्ते।
कैसे हैं फायदेमंद?
हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, पुदीने का सेवन यूरिक एसिड की समस्या पर असरदार है। इसमें भी खासकर सूखा पुदीना और अधिक बेहतर तरीके से इसमें आपकी बदद कर सकता है। दरअसल, पुदीने में खास एंटीऑक्सीडेंट्स गुण पाए जाते हैं, जो टॉक्सिन को शरीर से बाहर निकालने में मददगार हैं। इन गुणों के चलते पुदीने की पत्तियां बॉडी को डिटॉक्स करने का काम करती हैं, साथ ही हड्डियों में जमा प्यूरिन को तोड़ती हैं, इससे यूरिक एसिड बनने की स्पीड स्लो हो जाती है और इस तरह पीड़ित को राहत मिलती है।
इसके अलावा पुदीने की पत्तियां मूत्रवर्धक (Diuretics) की तरह काम कर सकती हैं। ये शरीर में हाइड्रेशन को बहाल कर पेशाब की मात्रा को बढ़ाती हैं, जिससे भी शरीर से पेशाब के साथ प्यूरिन को बाहर निकालने में मदद मिलती है। वहीं, पुदीने में एंटी इंफ्लेमेटरी गुण भी पाए जाते हैं, जो हाई यूरिक एसिड के चलते जोड़ों में बढ़ते दर्द, सूजन और अकड़न से राहत दिलाने में मदद करते हैं। इस तरह इन पत्तियों का सेवन यूरिक एसिड की स्थिति में बेहद मददगार हो सकता है।
कैसे करें सेवन?इसके लिए आप पुदीने की पत्तियों को सूखाकर पाउडर बनाकर गुनगुने पानी के साथ इसका सेवन कर सकते हैं।
इसके अलग आप ताजे पुदीने की पत्तियों को कूटकर, सादे पानी में मिलाकर और इसमें आधे नींबू का रस मिलाकर भी पी सकते हैं।
पुदीने के साथ-साथ नींबू का सेवन भी यूरिक एसिड की परेशानी पर असरदार है। नींबू में विटामिन सी पाया जाता है, वहीं कई हेल्थ रिपोर्ट्स बताती हैं कि विटामिन सी खून में यूरिक एसिड को कम करने में मदद कर सकता है, जिससे आपको जोड़ों में दर्द, ऐंठन, सूजन आदि की समस्या से राहत मिलती है।
Disclaimer: आर्टिकल में लिखी गई सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य जानकारी है। किसी भी प्रकार की समस्या या सवाल के लिए डॉक्टर से जरूर परामर्श करें
Post a Comment