72 शहर और ₹30,000 करोड़... ट्रेन में मूंगफली बेचने वाले को कैसे आया स्टांप घोटाले का आइडिया! पूरी कहानी
18 राज्य, 72 शहर और ₹30,000 करोड़... ट्रेन में मूंगफली बेचने वाले को कैसे आया स्टांप घोटाले का आइडिया! पूरी कहानी
Telgi Scam 2003: देश का सबसे बड़ा स्टांप का स्कैम करने वाले अब्दुल करीम तेलगी ने अपने धंधे की कमाने की शुरुआत राजस्थान के युवाओं को गलत तरीके से सऊदी अरब भेजकर की थी और उसका अंत भी राजस्थान में ही हुआ. तो चलिए आपको बताते हैं देश के सबसे बड़े स्कैम में से एक तेलगी नकली स्टांप पेपर घोटाले ( Stamp Paper Scam 2003) की पूरी कहानी
तेलगी घोटाला की कहानी
Story Of Telgi Scam 2003: एक ऐसा व्यक्ति जिसने 30000 करोड़ के घोटाले को अंजाम देकर देश की अर्थव्यवस्था को ही हिला दिया था, जब भी देश के सबसे बड़े स्कैम की चर्चा होती है, इस व्यक्ति और स्कैम का नाम सबसे ऊपर आता है. करोड़ों रुपये के इस घोटाले ने सरकार से लेकर अफसरों और सरकारी महकमे तक की नींद उड़ा दी थी. हम बात कर रहे हैं 2003 में हुई नकली स्टांप पेपर का घोटाला (stamp paper scam) के बारे में. लोग इसे नकली स्टैप पेपर, स्कैम 2003 या तेलगी स्कैम के नाम से जानते हैं. इस घोटाले को अब्दुल करीम तेलगी ने अंजाम दिया था.
तो चलिए आपको बताते हैं देश के सबसे बड़े स्कैम में से एक तेलगी नकलीस्टांप पेपर घोटाले ( Stamp Paper Scam 2003) की पूरी कहानी…
कौन था अब्दुल करीम तेलगी?
तेलगी का जन्म 1961 में कर्नाटक के एक छोटे से पंचायत शहर खानापुर में हुआ था, जो महाराष्ट्र की सीमा पर स्थित है. तेलगी के पिता रेलवे में काम करते थे. छोटी उम्र में ही तेलगी के पिता की मृत्यु हो गई, पिता की मृत्यु के बाद तेलगी को ट्रेनों में खाने-पीने का सामान बेचने सहित छोटे-मोटे काम करने के लिए मजबूर होना पड़ा. जब इन सब से काम नहीं चला तो वह पैसा कमाने सऊदी अरब चला गया. लोगों को सऊदी अरब भेजने के लिए वो नकली डॉक्यूमेंट्स और स्टांप पेपर्स बनाया करता था. यहीं से उसे फेक स्टांप पेपर बनाने की लत लग गई. अपने गलत कामों की वजह से वो साल 1993 में इमिग्रेशन अथॉरिटी के हाथ लग गया. जालसाजी के लिए उसे जेल की हवा खानी पड़ी, लेकिन जेल तो मानो उसके लिए लॉटरी बन गई.जेल में उसकी मुलाकात कोलकाता के रहने वाले राम रतन सोनी से हुई. सोनी एक सरकारी स्टांप वेंडर थे. दोनों ने जेल में बैठे-बैठे बड़े स्कैम की साजिश रच दी.
Telgi Scam 2003: देश का सबसे बड़ा स्टांप का स्कैम करने वाले अब्दुल करीम तेलगी ने अपने धंधे की कमाने की शुरुआत राजस्थान के युवाओं को गलत तरीके से सऊदी अरब भेजकर की थी और उसका अंत भी राजस्थान में ही हुआ. तो चलिए आपको बताते हैं देश के सबसे बड़े स्कैम में से एक तेलगी नकली स्टांप पेपर घोटाले ( Stamp Paper Scam 2003) की पूरी कहानी
तेलगी घोटाला की कहानी
Story Of Telgi Scam 2003: एक ऐसा व्यक्ति जिसने 30000 करोड़ के घोटाले को अंजाम देकर देश की अर्थव्यवस्था को ही हिला दिया था, जब भी देश के सबसे बड़े स्कैम की चर्चा होती है, इस व्यक्ति और स्कैम का नाम सबसे ऊपर आता है. करोड़ों रुपये के इस घोटाले ने सरकार से लेकर अफसरों और सरकारी महकमे तक की नींद उड़ा दी थी. हम बात कर रहे हैं 2003 में हुई नकली स्टांप पेपर का घोटाला (stamp paper scam) के बारे में. लोग इसे नकली स्टैप पेपर, स्कैम 2003 या तेलगी स्कैम के नाम से जानते हैं. इस घोटाले को अब्दुल करीम तेलगी ने अंजाम दिया था.
तो चलिए आपको बताते हैं देश के सबसे बड़े स्कैम में से एक तेलगी नकलीस्टांप पेपर घोटाले ( Stamp Paper Scam 2003) की पूरी कहानी…
कौन था अब्दुल करीम तेलगी?
तेलगी का जन्म 1961 में कर्नाटक के एक छोटे से पंचायत शहर खानापुर में हुआ था, जो महाराष्ट्र की सीमा पर स्थित है. तेलगी के पिता रेलवे में काम करते थे. छोटी उम्र में ही तेलगी के पिता की मृत्यु हो गई, पिता की मृत्यु के बाद तेलगी को ट्रेनों में खाने-पीने का सामान बेचने सहित छोटे-मोटे काम करने के लिए मजबूर होना पड़ा. जब इन सब से काम नहीं चला तो वह पैसा कमाने सऊदी अरब चला गया. लोगों को सऊदी अरब भेजने के लिए वो नकली डॉक्यूमेंट्स और स्टांप पेपर्स बनाया करता था. यहीं से उसे फेक स्टांप पेपर बनाने की लत लग गई. अपने गलत कामों की वजह से वो साल 1993 में इमिग्रेशन अथॉरिटी के हाथ लग गया. जालसाजी के लिए उसे जेल की हवा खानी पड़ी, लेकिन जेल तो मानो उसके लिए लॉटरी बन गई.जेल में उसकी मुलाकात कोलकाता के रहने वाले राम रतन सोनी से हुई. सोनी एक सरकारी स्टांप वेंडर थे. दोनों ने जेल में बैठे-बैठे बड़े स्कैम की साजिश रच दी.
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