Posts

Showing posts from January, 2026

कहीं आप भी तो जलने पर बर्फ और टूथपेस्ट नहीं लगाते? जलन कम नहीं बल्कि बढ़ सकती है, जानिए स्किन जलजाने पर सही फर्स्ट एड क्या करें?

कहीं आप भी तो जलने पर बर्फ और टूथपेस्ट नहीं लगाते? जलन कम नहीं बल्कि बढ़ सकती है, जानिए स्किन जलजाने पर सही फर्स्ट एड क्या करें? बेंगलुरु के जीवीजी इनविवो हॉस्पिटल में सीनियर कंसल्टेंट डॉ. गुणशेखर वुप्पलपति बताते हैं कि जली हुई स्किन पर बर्फ लगाना बिल्कुल गलत है। जब जली हुई स्किन पर बर्फ लगाई जाती है, तो इससे वहां की रक्त वाहिकाएं सिकुड़ जाती हैं और हीलिंग प्रोसेस रुक जाता है। डॉ. प्रियंका सेहरावत की एक रील के मुताबिक अगर जलने पर सही फर्स्ट-एड अपनाएं तो ना सिर्फ आपको जलन से राहत मिलेगी बल्कि स्किन से जले हुए निशान भी गायब हो सकते हैं। महिलाएं घर में हों या बाहर वो हर जगह मल्टीटास्किंग की जिम्मेदारी निभाती हैं। खासतौर पर किचन में उनका ये रोल और भी चुनौतीपूर्ण हो जाता है। एक ही समय में दाल, सब्ज़ी, रोटी बनाना और साथ-साथ बर्तन साफ करना, इन सबके बीच ज़रा-सी जल्दबाजी या ध्यान भटकने पर हाथ या पैर का जल जाना आम बात है। हालांकि जलने के हादसे सिर्फ रसोई तक सीमित नहीं हैं। घर का कोई भी काम हो या बाहर का, ऐसे हादसे कभी भी हो सकते हैं। परेशानी तब बढ़ जाती है, जब जलने पर हम तुरंत घरेलू नुस्खों की ओ...

Memory Loss Solution: जरूरी चीजें और बातें भूल जाते हैं, नाम याद रखने के लिए दिमाग पर देना पड़ता है ज़ोर, हंसाजी योगेंद्र के ये 10 टिप्स लौटा देंगे आपकी याददाश्त

Memory Loss Solution: जरूरी चीजें और बातें भूल जाते हैं, नाम याद रखने के लिए दिमाग पर देना पड़ता है ज़ोर, हंसाजी योगेंद्र के ये 10 टिप्स लौटा देंगे आपकी याददाश्त भारतीय योग गुरु, लेखक, शोधकर्ता और टीवी पर्सनालिटी डॉक्टर हंसा योगेंद्र ने बताया आप किसी भी उम्र में दिमाग को तेज, याददाश्त को मजबूत कर सकते हैं। कुछ योगासन, डाइट और कुछ खास फूड्स का सेवन करने से न सिर्फ ब्रेन से जुड़ी सभी परेशानियां दूर होती है बल्कि याददाश्त भी मजबूत होती है। ब्रेन और बॉडी को एक्टिव रखने के लिए 30 मिनट की कोई भी एक्टिविटी बेहद जरूरी है। रोज चलना, योगासन, हल्का डांस या कोई भी फिजिकल एक्टिविटी अगर रोज़ की जाए तो दिमाग तक खून का फ्लो बेहतर होता है। k जिंदगी की भागदौड़ में सिर्फ हमारी बॉडी ही नहीं भाग रही बल्कि हमारा दिमाग भी भाग रहा है। बढ़ती मसरूफियत में शरीर की थकान तो हम लेट-बैठ कर उतार लेते हैं लेकिन दिमागी थकान जस की तस बनी रहती है। ये दिमागी थकान का ही नतीजा है कि कभी हमें लोगों के नाम याद नहीं रहते, कभी चीजें रखकर भूल जाते हैं, कभी फोकस नहीं कर पाते और दिमाग थका-थका महसूस होता है। इस थकान की वजह से ही ह...

नाक से खून आता है तो 1 चम्मच गोंद को पानी में भिगोकर खा लें, बॉडी को मिलेंगे ये 5 फायदे, डॉक्टर ने बताया इसे गट का इलाज

एम्स के पूर्व कंसल्टेंट और साओल हार्ट सेंटर के फाउंडर एंड डायरेक्टर और प्रसिद्ध कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर बिमल छाजर के मुताबिक गोंद कतीरा एक ऐसा नेचुरल प्रोडक्ट है जो दवाई के साथ-साथ आयुर्वेदिक उपाय के तौर पर भी इस्तेमाल किया जाता है। कुछ लोगों को नाक से ब्लीडिंग की समस्या होती है ऐसे में गोंद कतीरा शरीर की गर्मी को कम करके इस परेशानी से बचाव करता है। गोंद कतीरा एक ऐसा नेचुरल प्रोडक्ट है जो दवाई के साथ-साथ आयुर्वेदिक उपाय के तौर पर भी इस्तेमाल किया जाता है। इस हर्ब की तासीर ठंडी होती है जो बॉडी की अंदर की गर्मी को कंट्रोल करती है और पाचन को दुरुस्त करती है। गर्मी के मौसम में गोंद कतीरा शरीर को ठंडक देने, हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन से बचाने में खासतौर पर फायदेमंद माना जाता है। वहीं, सीमित मात्रा में लिया जाए तो सर्दियों में भी इसका सेवन असरदार साबित हो सकता है, क्योंकि ये पाचन को बेहतर बनाता है और शरीर के अंदर संतुलन बनाए रखता है। गोंद कतीरा को नाक से खून आने (नकसीर फूटना) की समस्या में भी लाभकारी माना जाता है। इसकी कूलिंग प्रॉपर्टी शरीर की अतिरिक्त गर्मी को कम करती है, जिससे बार-बार होने ...

आंवला करेगा यूरिक एसिड का इलाज, हड्डियों के दर्द और सूजन का होगा इलाज, डायटीशियन ने इसे बताया कुदरती पेनकिलर

आंवला करेगा यूरिक एसिड का इलाज, हड्डियों के दर्द और सूजन का होगा इलाज, डायटीशियन ने इसे बताया कुदरती पेनकिलर केयर हॉस्पिटल, बंजारा हिल्स, हैदराबाद की क्लिनिकल डायटीशियन और कंसल्टेंट डॉ. जी. सुषमा के अनुसार यूरिक एसिड का बढ़ा हुआ स्तर हाइपरयूरिसीमिया की स्थिति पैदा कर सकता है, जिससे जोड़ों में यूरेट क्रिस्टल जमने लगते हैं। यही आगे चलकर गठिया और अन्य समस्याओं की वजह बनते हैं। यूरिक एसिड को कंट्रोल करने के लिए आंवला एक बेहद असरदार आयुर्वेदिक उपाय माना जाता है। freepik यूरिक एसिड प्यूरीन मेटाबोलिज्म का एक नेचुरल अपशिष्ट पदार्थ है। प्यूरीन एक ऐसा तत्व है जो हमारे शरीर में प्राकृतिक रूप से बनता है और कुछ खाद्य पदार्थों से भी मिलता है। जब प्यूरीन टूटता है तो यूरिक एसिड बनता है, जिसे शरीर सामान्य स्थिति में यूरिन के ज़रिये बाहर निकाल देता है। लेकिन जब प्यूरीन युक्त डाइट का अधिक सेवन किया जाता है तो शरीर यूरिक एसिड को पूरी तरह बाहर नहीं निकाल पाता और इसका स्तर खून में बढ़ने लगता है। प्यूरीन हमारे शरीर में प्राकृतिक रूप से भी बनता है और कुछ फूड्स जैसे रेड मीट, ऑर्गन मीट, सी-फूड और शराब से भी मि...

बॉर्डर पार से आ रहे थे कुछ सीक्रेट मैसेज, फिर पकड़ी गई पाकिस्तान की 'पीली वाली साजिश'

बॉर्डर पार से आ रहे थे कुछ सीक्रेट मैसेज, फिर पकड़ी गई पाकिस्तान की 'पीली वाली साजिश'  अमृतसर में सीमा पार से चल रहे नशा तस्करी नेटवर्क पर पंजाब पुलिस ने करारा प्रहार किया है. ग्रामीण पुलिस ने 103 पीले पैकेटों में छिपाकर लाई जा रही 51.5 किलो हेरोइन बरामद कर दो तस्करों को गिरफ्तार किया है. शुरुआती जांच में पाकिस्तान कनेक्शन और ‘सीक्रेट मैसेजिंग’ का खुलासा हुआ है. अमृतसर जिले में ग्रामीण पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय क्रॉस बॉर्डर नशा तस्कर गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 51.5 किलोग्राम हेरोइन बरामद की है अमृतसर. सीमा पार से भेजे जा रहे ‘सीक्रेट मैसेज’ और पीली पन्नी में छिपी नशे की खेप को भारत भेजने की एक और बड़ी साजिश को अमृतसर ग्रामीण पुलिस ने नाकाम कर दिया है. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय क्रॉस बॉर्डर ड्रग तस्कर गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 51.5 किलोग्राम हेरोइन बरामद की है, जिसे 103 पैकेटों में पैक कर सीमा पार से भारत में खपाने की तैयारी थी. इस ऑपरेशन में पुलिस ने दो तस्करों को गिरफ्तार किया है. बरामद हेरोइन की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करोड़...

दूल्हा, दुल्हन और वो... सुहागरात से पहले हो गया कांड, अब अस्पताल में हो रही बात

दूल्हा, दुल्हन और वो... सुहागरात से पहले हो गया कांड, अब अस्पताल में हो रही बात कर्नाटक के चामराजनगर जिले में शादी के दिन दूल्हे रविश पर चाकू से हमला हो गया. हमला दुल्हन के पूर्व प्रेमी ने किया. दूल्हा अस्पताल में भर्ती है और शादी रद्द कर दी गई. दुल्हन ने अस्पताल पहुंचकर शादी की अपील की, लेकिन सुरक्षा और भविष्य के डर से दूल्हे ने इनकार कर दिया.  शादी की खुशियों से सजा एक मंडप, मेहमानों की चहल-पहल. दूल्हा सेहरा पहनने की तैयारी में. दुल्हन नए जीवन के सपने संजोए बैठी. लेकिन सुहागरात से पहले ही ऐसा कांड हो गया, जिसने हर किसी को हिला दिया. दूल्हे पर अचानक चाकू से हमला हो गया. शादी रुक गई. खुशियां मातम में बदल गईं और अब पूरा मामला अस्पताल के एक वार्ड तक सिमट गया है, जहां प्यार, डर और भविष्य को लेकर सवाल टकरा रहे हैं. यह घटना कर्नाटक के चामराजनगर जिले की है. यह कहानी सिर्फ एक हमले की नहीं है. यह कहानी है दूल्हा, दुल्हन और उस तीसरे शख्स की, जिसने बीते रिश्ते को वर्तमान की बर्बादी बना दिया. चामराजनगर के कोललेगला में हुई इस घटना ने यह दिखा दिया कि पुराना प्यार कभी-कभी कितना खतरनाक रूप ले स...

क्या मुंह का मामूली छाला दे रहा है कैंसर का संकेत? क्या ये ब्रेस्ट कैंसर से भी ज्यादा घातक है? डॉक्टर से जानिए

 क्या मुंह का मामूली छाला दे रहा है कैंसर का संकेत? क्या ये ब्रेस्ट कैंसर से भी ज्यादा घातक है? डॉक्टर से जानिए जानी-मानी ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ.  लिमये ने कहा है कि भारत में ओरल कैविटी कैंसर अब ब्रेस्ट कैंसर को टक्कर देने लगा है। डॉक्टर ने बताया ओरल कैविटी कैंसर मामूली से छाले से शुरु होता है जिसे अक्सर लोग नजरअंदाज कर देते हैं। KIM हॉस्पिटल्स, ठाणे के हेड एंड नेक ऑनकोसर्जरी कंसल्टेंट डॉ. हितेश सिंहावी के मुताबिक ओरल कैविटी कैंसर अब देश के सबसे आम कैंसरों में से एक बन चुका है। Photo source: AI Generated कैंसर कोई ऐसी बीमारी नहीं है जो रातों-रात पनप जाए। इसके पीछे सालों तक चलने वाली खराब डाइट, बिगड़ता लाइफस्टाइल, लगातार तनाव, नींद की कमी और सेहत को नुकसान पहुंचाने वाली कुछ आदतें ज़िम्मेदार होती हैं। समय के साथ ये सभी कारण शरीर की कोशिकाओं पर असर डालते हैं और कैंसर के जोखिम को बढ़ाते हैं। कैंसर शरीर के किसी भी अंग को अपनी चपेट में ले सकता है। चिंता की बात ये है कि जो कैंसर पहले दुर्लभ माने जाते थे, वे अब तेज़ी से आम होते जा रहे हैं, जिसकी एक बड़ी वजह हमारा बदलता लाइफस्टाइल और रोज़मर्र...

दूध वाली कॉफी या ब्लैक? सेहत के लिए क्या है बेस्ट? न्यूट्रिशनिस्ट ने बताए ब्लैक कॉफी के फायदे और किन्हें करना है परहेज़

दूध वाली कॉफी या ब्लैक? सेहत के लिए क्या है बेस्ट? न्यूट्रिशनिस्ट ने बताए ब्लैक कॉफी के फायदे और किन्हें करना है परहेज़ KIMS हॉस्पिटल, ठाणे में चीफ डाइटीशियन डॉ. अमरीन शेख ने बताया अगर रोज बिना दूध की ब्लैक कॉफी पी जाए तो उसका सबसे बड़ा फायदा ये होता है कि बॉडी में कैलोरी इनटेक कम होता जाता है। अगर एक हफ्ते तक सिर्फ ब्लैक कॉफी का सेवन किया जाए तो आप अपनी बॉडी को हल्का महसूस करेंगे। रोज ब्लैक कॉफी का सेवन पेट की सूजन या ब्लोटिंग कंट्रोल करने में मदद करती है। SOURCE: PINTEREST सर्दी की सुबह में एक कप गर्म कॉफी न सिर्फ सर्दी से राहत देती है बल्कि सुस्ती को भी छूमंतर करती है। अक्सर लोग दिन की शुरुआत दूध वाली कॉफी से करते हैं। कॉफी और चाय में कैफीन मौजूद होता है जो एकाग्रता बढ़ाकर थकान को दूर करती है। हर रोज एक कप कॉफी एकाग्रता में सुधार करने और मूड को बेहतर बनाने में मदद करती है। कॉफी का सेवन करने से स्टैमिना बूस्ट होता है, मेटाबॉलिज्म तेज होता है। एक कप कॉफी उम्र बढ़ने पर होने वाली मानसिक बीमारियों जैसे अल्जाइमर और पार्किंसन से बचाव करती है। कॉफी का सेवन न्यूरोलॉजिकल बीमारियों के जोखिम क...

सर्दियों में सिर्फ़ 7 रातों तक दालचीनी और शहद का सेवन करने से ये 16 बीमारियाँ घुटने टेक देती है, जानकारी उपयोगी हो तो आगे बढ़ाए

सर्दियों में सिर्फ़ 7 रातों तक दालचीनी और शहद का सेवन करने से ये 16 बीमारियाँ घुटने टेक देती है, जानकारी उपयोगी हो तो आगे बढ़ाए आपने अपने किचन में बहुत सारे मसालों को तो देखा ही होगा । इन सभी मसालों में स्वाद और सुगन्ध के साथ ही औषधीय गुण भी प्रचुर मात्रा में पाये जाते हैं । इनमे से एक अत्यन्त गुणकारी और लाभप्रद चीज है दालचीनी, जो एक वृक्ष की छाल होती है । दालचीनी मन को प्रसन्न करती है। दालचीनी में बहुत से औषधीय तत्व पाए जाते है जो शरीर के लिए अत्यंत लाभकरी है। इसके उपयोग से अनेक प्रकार की सामान्य बीमारियों से छुटकारा मिल जाता है। दालचीनी के मौजूद गुणकारी तत्वों के बारे में आयुर्वेद में बहुत कुछ लिखा गया है । दालचीनी को शहद के साथ उपयोग करना शरीर के लिए अत्यन्त लाभकारी है । इस से हृदय दौर्बल्य, कोलेस्ट्रॉल, रक्तविकार, सर्दी जुकाम और उदर रोगों से छुटकारा मिलता है। दालचीनी की तासीर गर्म होती है। अत: गर्मी के मौसम में इसका कम से कम मात्रा में इस्तेमाल करना चाहिए। दालचीनी का सेवन लम्बे समय तक व लगातार मात्रा में नहीं करना चाहिए। प्रत्येक व्यक्ति की प्रकृति अलग-अलग होती है। एक वस्तु 99 व्यक...

चाहे कैसा भी जोड़ों का दर्द हो या फिर हड्डियों का दर्द हो, रात को ये उपाय कर लिया तो कभी नही होगा दर्द,

चाहे कैसा भी जोड़ों का दर्द हो या फिर हड्डियों का दर्द हो, रात को ये उपाय कर लिया तो कभी नही होगा दर्द, जरूर पढ़े  में आज हम आपको जोड़ो के दर्द, घुटनो के दर्द और गठिया के लक्षण और कुछ आसान लेकिन कारगर घरेलु उपाय के बारे में बताएँगे। गठिया रोग को आमवात, संधिवात आदि नामों से भी जाना जाता है। इस रोग में सबसे पहले शरीर में निर्बलता और भारीपन के लक्षण दिखाई देते हैं। इस रोग के होने पर हाथ के बीच की उंगलियों में दर्द होता है। अगर इसका इलाज नही किया जाता तो हाथ की दूसरी उंगलियों में भी सूजन व दर्द होने लगता है। गठिया रोग होने पर शरीर की हडि्डयों में दर्द होता है, जिसके कारण रात को रोगी सो भी नहीं पाता है। आज हम जो बताने जा रहे है उस प्राक्रतिक नुस्खे को अजमाने में जरा भी संकोच न करें और शरीर में जोड़ो, घुटनो और अन्य मांसपेशियों के असहनीय दर्द से छुटकारा पायें। ये एक बहुत ही आसान औषधि है इसे रात को सोने से पहले करे। चाहे कैसा भी जोड़ों का दर्द हो या फिर हड्डियों का दर्द हो ये उपाय कर लिया तो कभी नही होगा दर्द। आजकल की बदलती जीवनशैली में ज्यादातर लोगों को जोड़ों के दर्द की शिकायत है। यूं तो जोड...

इसे लगाने से बाल कभी सफ़ेद नही होंगे, ये बालों को इतना घना बना देगा की कंगा भी आसानी से नही कर पाओगे, जिन्होंने आज़माया उन्होंने इसको लगाना छोड़ा नही

इसे लगाने से बाल कभी सफ़ेद नही होंगे, ये बालों को इतना घना बना देगा की कंगा भी आसानी से नही कर पाओगे, जिन्होंने आज़माया उन्होंने इसको लगाना छोड़ा नही  एकबार फिर सेआपकाAll Ayurvedic में स्वागत है आज हम आपको बालों की तमाम समस्या से छुटकारा पाने वाला चमत्कारी उपाय बताएँगे। काले, सुंदर और चमकदार बाल नारी की सुंदरता में चार चाँद लगा देते है। पुराने समय में बालों रखाव और निखार के लिए नारिया अनेक तरीके इस्तेमाल मई लाती थी, जिनसे वास्तव मई ही हेर काले, घने, मजबूत और चमकदार बनते थे। उन उपायों से आपके बालों की समस्या काफ़ी हद तक समाप्त हो जाएगी। उन उपायोंलोंग हेयर के लिए सिर्फ़ अच्छे उत्पादो का इस्तेमाल ही ज़रूरी नही है बल्कि हेर की सही देखरेख भी बहुत ज़रूरी है. कई बार महेंगे उत्पादो से हेर पोशाक तटवा हासिल करने के इस्तान पर समय से पूर्व टूट कर गिरने लगते है, साथ ही सफेद (वाइट) होने लगते है। इसके साथ ही उपयुक्त आहार का सेवन ना किया जाए तो भी बालो की ग्रोथ रुक जाती है. घरेलू नुस्खे इन हिन्दी फॉर लोंग हेर से आप इन्न सभी समस्याऊ से छुटकारा पा सकते है जो की आपके लिए बहुत फयदेमंद होगा और फिर आप ...

रोज सुबह पानी में मिलाकर पियें यह चीज़, खत्म हो जाएगी खून की कमी, एसिडिटी, डायबिटीज और जोड़ो का दर्द

रोज सुबह पानी में मिलाकर पियें यह चीज़, खत्म हो जाएगी खून की कमी, एसिडिटी, डायबिटीज और जोड़ो का दर्द आजकल हर घर मे कोई न कोई सदस्य किसी ना किसी बीमारी से परेशान रहता है फिर चाहे वो डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, एसिडिटी और जोड़ो का दर्द ही क्यों ना हो । वर्तमान में आधुनिक जीवनशैली, गलत खान-पान और असन्तुलित रहन सहन के कारण ये सब बीमारिया आम हो गयीं है।और अगर आप छोटी छोटी बीमारियों में अंग्रेज़ी दवा लेने लग जाते है तो बहुत गलत करते है क्योंकि इससे आपकी किडनी पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ता है।इसके बदले आप इन बीमारियों से बचनें के लिए आयुर्वेदिक युक्तियों का सहारा ले तो यह आपके लिए ज्यादा अच्छा होगा।हम आपको आज एकनाइसी ही आयुर्वेदिक युक्ति बताते है जिसका उपगोग कर के आप खुद को स्वस्थ रख सकते है। आवश्यक सामग्री : 1. गेंहु के दाने बराबर हींग 2. 1 गिलास पानी बनाने की विधि और सेवन का तरिका :सबसे पहले आप 1 गिलास हल्के गुन-गुने पानी में लगभग एक गेंहु के दाने बराबर हींग को पानी में घोल ले, फिर इसका सेवन बेठकर करे। अगर आप एसिडिटी, डायबिटीज, खून की कमी और जोड़ो के दर्द से बचना चाहते है तो आप रोज़ाना सुबह हींग के...

अगर लीवर और किडनी की सफ़ाई चाहते हैं, तो जानिए सिर्फ़ 4 दिन तक किशमिश का पानी पीने से शरीर को कैसे लाभ मिल सकता है

अगर लीवर और किडनी की सफ़ाई चाहते हैं, तो जानिए सिर्फ़ 4 दिन तक किशमिश का पानी पीने से शरीर को कैसे लाभ मिल सकता है ड्राई फ्रूट खाना सेहत के लिए बहुत अच्छा होता है। इसमें विटामिन के साथ और भी बहुत से ऐसे तत्व होते हैं जो सेहत के लिए बहुत जरूरी है। इनमें से किशमिश लीवर और कीडनी के लिेए बहुत फायदेमंद है। इससे शरीर में जमा विषैले पदार्थ बाहर निकल जाते हैं और खून की कमी भी पूरी होती है। इस बात का ध्यान रखें की इसका इस्तेमाल सर्दीयों के मौसम में करना बेहतर रहता है। किशमिश को रात को भिगोकर सुबह खाली पेट इसका पानी पीने से लीवर और कीडनी अच्छे से काम करते हैं। इससे लीवर से जुड़ी परेशानी दूर हो जाती है। इससे कोलेस्ट्राल और दिल से जुड़ी समस्या से निजात पाई जा सकती है। इसके सेवन से एसीडिटी भी दूर हो जाती है। इसे बनाने का तरीका बहुत ही आसान है। आज हम आपको ऑल आयुर्वेदिक (All Ayurvedic) के माध्यम से किशमिश और इसके पानी के फ़ायदे बताएँगे जिन्हें आप जान गये तो इसका उपयोग करने से ख़ुद को नही रोक पाएँगे। सूखे मेवे में शामिल किशमिश अंगूर को सुखाकर तैयार किया जाता है। इसमें अंगूर के सभी गुण मौजूद होते है। ...

रोज़ सुबह पानी में मिलाकर पियें यह चीज़, ख़त्म हो जाएगा गठिया, जोड़ो का दर्द, डायबिटीज, साइटिका, पेट की चर्बी और लीवर की समस्या

रोज़ सुबह पानी में मिलाकर पियें यह चीज़, ख़त्म हो जाएगा गठिया, जोड़ो का दर्द, डायबिटीज, साइटिका, पेट की चर्बी और लीवर की समस्या दुनीया का सबसे ताकतवर पोषण पुरक आहार है सहजन (Moringa/Drumstick Tree) 300 से अधिक रोगो मे बहुत फायदेमंद इसकी जड़ से लेकर फुल, पत्ती, फली, तना, गोन्द हर चीज़ उपयोगी होती है सहजन में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, कैल्शियम, पोटेशियम, आयरन, मैग्नीशियम, विटामिन-ए, सी और बी कॉम्पलैक्स प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। एक अध्ययन के अनुसार इसमें दूध की तुलना में 4 गुना कैल्शियम और दुगना प्रोटीन पाया जाता है। प्राकृतिक गुणों से भरपूर सहजन इतने औषधीय गुणों से भरपूर है कि इसकी फली के अचार और चटनी कई बीमारियों से मुक्ति दिलाने में सहायक हैं। यह सिर्फ खाने वाले के लिए ही नहीं, बल्कि जिस जमीन पर यह लगाया जाता है, उसके लिए भी लाभप्रद है। सहजन पेड़ नहीं मानव के लिए कुदरत का चमत्कार। इनका सेवन कर कई बीमारियों को बढ़ने से रोका जा सकता है, इसका बॉटेनिकल नाम ‘मोरिगा ओलिफेरा‘ है हिंदी में इसे सहजना, सुजना, सेंजन और मुनगा नाम से भी जानते हैं, जो लोग इसके बारे में जानते हैं, वे इसका सेवन ...

कही से भी मिले ये पौधा तो घर ले आये क्यूँकि ये बालों के लिए वरदान है, बालों का झड़ना सिर्फ़ 5 दिन में रोके, सफ़ेद बाल काले करे, बालों को लंबा और घना बनाएँ

कही से भी मिले ये पौधा तो घर ले आये क्यूँकि ये बालों के लिए वरदान है, बालों का झड़ना सिर्फ़ 5 दिन में रोके, सफ़ेद बाल काले करे, बालों को लंबा और घना बनाएँ भृंगराज कायाकल्प करने में सक्षम है :भृंगराज के बारे में आपने hair आयल की advertisement में बहुत सुना होगा लेकिन क्या आप जानते है की भृंगराज के और भी औषधीय गुण है जो आज तक आयुर्वेद के पन्नो में ही छिप कर रह गए हैं अकेले भृंगराज में ही कायाकल्प करने का गुण है जहाँ तक हम इसके गुणों से परिचित है आप कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का इलाज़ भी कर सकते हैं। भृंगराज के पौधे वर्षा के मौसम में खेतों के किनारे ,रेल लाइन के किनारे, खाली पड़ी जमीन पर ,बाग़ बगीचों में खुद ही उग जाते हैं। ये हमेशा हरे रहते हैं। इनके फूल पत्ते तने जड़ सब उपयोगी हैं। इनकी झाड़ियाँ ज्यादा से ज्यादा आधा मीटर तक उंची मिलेंगी। इस पौधे में बीटा-एमिरीन ,विडेलोलेक्टोंन, ग्लूकोसैड्स-फायटोस्टीराल-ए , ल्यूतियोलिन, फैटिक एसिड ,पामीटिक एसिड, ट्रायतर्पेनीक एसिड, स्टीयरिक एसिड,लिनोलिक एसिड और आलिक एसिड , एकलिप्तींन ,एम्पलिप्तींन एल्केलायद ,निकोटीन और राल जैसे तत्व मौजूद हैं। भृंगराजमें शरी...

बादाम को सही तरीके से खाने के फायदे जान लीजिए — नियमित सेवन से कई आम रोगों में राहत मिल सकती है, ज़रूर अपनाएँ और शेयर करें

बादाम को सही तरीके से खाने के फायदे जान लीजिए — नियमित सेवन से कई आम रोगों में राहत मिल सकती है, ज़रूर अपनाएँ और शेयर करें बादाम के पेड़ पर्वतीय क्षेत्रों में अधिक पाये जाते हैं। इसके तने मोटे होते हैं। इसके पत्ते लम्बे, चौडे़ और मुलायम होते हैं। इसके फल के अंदर की मींगी को बादाम कहते हैं। बादाम के पेड़ एशिया में ईरान, ईराक, सउदी अरब, आदि देशों में अधिक मात्रा में पाये जाते हैं। हमारे देश में जम्मू कश्मीर में इसके पेड़ पाये जाते हैं। इसका पेड़ बहुत बड़ा होता है। बादाम की दो जातियां होती हैं एक कड़वी तथा दूसरी मीठी। बादाम पौष्टिक होती है। बादाम का तेल भी निकाला जाता है। कड़वी बादाम हमें उपयोग में नहीं लानी चाहिए क्योंकि यह शरीर के लिए हानिकारक होती है। बादाम का विभिन्न 70 रोगों में उपयोग :पागल कुत्ते के काटने पर : 4 ग्राम बादाम की मींगी की मात्रा को शहद के साथ मिलाकर खाने से पागल कुत्ते का जहर दूर हो जाता है। दांतों का मंजन : बादाम का छिलका जलाकर उसमें नमक मिलाकर दांतों पर रगड़ने से दांत साफ और चमकीले हो जाते हैं। सुगन्ध के लिए इसमें कपूर और इलायची भी मिला लेते हैं। बादाम के फल के छिलके को जला...

कानों से मैल निकालने का सही और सुरक्षित तरीका आप भी जान लीजिए — भूलकर भी सेफ़्टी पिन या नुकीली चीज़ कान में न डालें

कानों से मैल निकालने का सही और सुरक्षित तरीका आप भी जान लीजिए — भूलकर भी सेफ़्टी पिन या नुकीली चीज़ कान में न डालें हम रोज नहाते हैं, महीने मे एक बार बाल भी कटवा लेते हैं, हफ्ते मे एक बार नाख़ून काट लेते हैं लेकिन अक्सर हम कानों को साफ करना भूल जाते हैं, या फिर ये कहें की आपको कान साफ करने का सही तरीका नही पता, आज हम आपको वही बताने वाले हैं। आपके कान आपके शरीर के बेहद जरुरी अंग है। आपके कानो की समय समय पर सफाई बेहद जरुरी है। ऐसा नहीं करने पर कानो में खुजली जलन या इन्फेक्शन होने का खतरा बना रहता है। कानो की मैल साफ़ नहीं करने से बहरेपन का खतरा भी बना रहता है। कुछ लोग कान की सफ़ाई के लिए सेफ़्टी पिन डालते है जो बहुत घातक हो सकता है जिससे आपके कानो के पर्दे डैमिज हो सकते है, आप भूलकर भी सेफ़्टी पिन ना डाले।आज की पोस्ट में हम आपको बताएँगे की आप किस तरह आसानी से अपने कानो की मैल साफ़ कर सकते हैं। कान की गंदगी :कान हमारे शरीर का एक बेहद संवेदनशील अंग है। इसके साथ कुछ भी ऐसा न करें कि आपको लेने के देने पड़ जाएं। कान में मैल जम जाना या खोंट हो जाना एक सामान्य बात है। इसे ईयर वैक्स के नाम से भी...