उत्तर भारत के शहरों में एयर क्वालिटी इतनी खराब क्यों? दक्षिणी और पश्चिमी शहर क्यों बेहतर
उत्तर भारत के शहरों में एयर क्वालिटी इतनी खराब क्यों? दक्षिणी और पश्चिमी शहर क्यों बेहतर
Air Pollution: क्लाइमेट ट्रेंड्स की एक रिपोर्ट के अनुसार 2015-2025 में दिल्ली सबसे प्रदूषित शहर रहा. जबकि दक्षिण और पश्चिम भारत में बेंगलुरु, चेन्नई, मुंबई में एयर क्वालिटी बेहतर रही. उत्तरी शहरों में भौगोलिक कारणों से प्रदूषण ज्यादा है.
दिल्ली की का AQI ज्यादातर 'बेहद खराब' श्रेणी में रहती है.(फाइल फोटो)
हाल ही में हुए एक अध्ययन से पता चला है कि 2015 से नवंबर 2025 के बीच भारत के किसी भी बड़े शहर में हवा की क्वालिटी ‘सुरक्षित स्तर’ पर दर्ज नहीं की गयी. इस पूरी अवधि में दिल्ली देश का सबसे प्रदूषित शहर बना रहा. यह विश्लेषण ‘क्लाइमेट ट्रेंड्स’ (दिल्ली स्थित जलवायु अनुसंधान संगठन) द्वारा शुक्रवार (28 नवंबर) को ‘प्रमुख भारतीय शहरों का एयर क्वालिटी आकलन (2015-2025)’ शीर्षक से जारी किया गया.
विश्लेषण में पाया गया कि उत्तरी शहरों में प्रदूषण का स्तर सबसे ज्यादा गंभीर रहा और यह लगातार बना रहा. इसकी तुलना में दक्षिणी और पश्चिमी शहरों में एयर क्वालिटी का स्तर अपेक्षाकृत बेहतर रहा. इस अध्ययन के लिए 11 शहरों के वार्षिक औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (Air Quality Index) डेटा का विश्लेषण किया गया, जिनमें अहमदाबाद, बेंगलुरु, चंडीगढ़, चेन्नई, दिल्ली, कोलकाता, लखनऊ, मुंबई, पुणे, वाराणसी और विशाखापत्तनम शामिल हैं. एयर क्वालिटी को आमतौर पर सुरक्षित स्तर पर तब माना जाता है जब AQI 0 से 50 के बीच होता है.
Comments
Post a Comment